14वां वित्त आयोग

प्रस्तावना :- 

 

चौदहवें वित्त आयोग की पंचाट अवधि 2015-16 से 2019-20 तक (5 वर्ष) है। 14वें वित्त आयोग द्वारा वित्तीय वर्ष 2015-16 से मूल अनुदान तथा वर्ष 2016-17 से कार्य निष्पादन अनुदान केवल ग्राम पंचायतों को ही देने का प्रावधान किया गया है। कार्य निष्पादन अनुदान के लिये आयेग द्वारा निर्धरित मानदण्डों को पूर्ण करने हेतु विभाग द्वारा निर्धारित मानदण्डों को पूर्ण करने हेतु विभाग द्वारा पृथक से दिशा-निर्देश जारी किये जावेंगे।

 

उददेश्‍य एवं अनुमत कार्य-

  • चौदहवें वित्त आयोग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों मे दी जाने वाली मूलभूत सुविधाओं की गुण्वत्ता को सुधारने पर बल दिया गया है ताकि इन सुविधाओं के उपयोगकर्ताओं द्वारा इनका भुगतान करने की रजामन्दी बढ सके। अतः इस अनुदान का उपयोग स्वच्छता जिसमें सेप्अैज प्रबंधन शामिल है, सीवरेज, जल निकसी एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जल आपूर्ति, स्ट्रीट लाईट, स्थानीय ग्राम पंचायतों की सड़को एवं फुटपाथों, पार्काें, खेल मैदानों तथा कब्रिस्ततन एवं शमशान स्थलों का रखरखाव जैसी मूलभूत सेवाओं को प्रादन करने एवं सुदृढ़ करने हेतु किया जाना चाहिए। आयोग की सिफारिशों के अंतर्गत ग्राम पंचायतों दिये गये अनुदान को केवल मूलभूत सेवाओें, जो कि उन्हें संबंधित विधियों द्वारा सौंपी गई हो, पर खर्च करने के लिए निर्दिष्ट किया जाये।

 

कार्यकारी ऐजेन्सी :-

  • चौदहवें वित्त आयोग के तहत प्रदत्त अनुदान के उपयोग हेतु कार्यकारी एजेन्सी ग्राम पंचायत ही होगी। जिला परिषद एवं पंचायत समिति उक्त अनुदान के सर्वात्तम उपयोग सुनिश्चित करने हेतु पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण के लिए उत्तरदायी होगी।

 

Related Documents

Guideline

Guideline Performance Grant Disbursement-I

Guideline Performance Grant Disbursement-II

Guideline Performance Grant Disbursement-III

14th Finance Commission Guidelines dated 29-11-2016

14th Finance Commission Guidelines dated 12-01-2018