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निर्मल ग्राम पुरस्कार योजना

निर्मल ग्राम पुरस्कार योजना

 

वर्ष 2003 में, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छे स्वास्थ्य एवं बेहतर जीवन हेतु पहल करने वाली पंचायती राज संस्थाओं को प्रोत्साहित करने हेतु निर्मल ग्राम पुरस्कार की घोषणा की गई। वर्ष 2005 में पहली बार पुरस्कार वितरण किया गया। इस पुरस्कार हेतु स्वच्छता के विविध मानकों के आधार पर ग्राम पंचायतों का चयन किया जाता है। ग्राम पंचायतों का चयन करते समय-व्यक्तिगत घरेलू शौचालय का उपयोग, विद्यालय स्वच्छता, आंगनवाड़ी स्वच्छता, पेयजल की उपलब्धता, प्रचार-प्रसार की गतिविधियां आदि स्वच्छता के सभी घटकों पर कार्य पूरा करने वाली ग्राम पंचायतों को निर्मल ग्राम पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। ग्राम पंचायतों को जनसंख्या के आधार पर, पुरस्कार स्वरूप-एक लाख रूपये से दस लाख रूपये तक का प्रावधान है। जल आपूर्ति की सुविधायुक्त एवं पानी की निरंतर जांच कराने वाली ग्राम पंचायतों को 5 लाख रूपये तक के अतिरिक्त पुरस्कार का भी प्रावधान है। यदि पंचायत समिति की सभी ग्राम पंचायतें निर्मल घोषित होती हैं, तो संबंधित पंचायत समिति को 15 से 20 लाख रूपये तक का पुरस्कार एवं ज़िला परिषद् की सभी ग्राम पंचायतें निर्मल ग्राम पुरस्कार से पुरस्कृत होती हैं तो संबंधित ज़िला परिषद् को भी 30 लाख से 50 लाख तक के पुरस्कार का प्रावधान है।

 

योजना के उददेश्‍य

 

राज्य सरकार द्वारा स्वच्छता को प्रोत्साहित करने हेतु भारत सरकार से पुरस्कृत ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों एवं ज़िला परिषदों को राज्य सरकार द्वारा भी एक लाख से पचास लाख रूपये तक के पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।
  • भारत सरकार द्वारा निर्मल ग्राम पुरस्कार से पुरस्कृत ग्राम पंचायतों को राज्य सरकार द्वारा पुरस्कार स्वरूप एक लाख रूपये दिए जाने का प्रावधान है।
  • यदि पंचायत समिति की 10 ग्राम पंचायतों को निर्मल ग्राम पुरस्कार प्राप्त हुआ है, तो उस पंचायत समिति को राज्य सरकार द्वारा 5 लाख रूपये पुरस्कार का प्रावधान है।
  • यदि किसी ज़िला परिषद् से 30 से अधिक ग्राम पंचायतें निर्मल ग्राम पुरस्कार से पुरस्कृत होती हैं, तो उक्त ज़िला परिषद् को राज्य सरकार द्वारा 10 लाख रूपये पुरस्कार का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री की बजट घोषणा
  • 9 मार्च 2015 को माननीय मुख्यमंत्री ने बजट घोषणा में, राज्य में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाली पंचायती राज संस्थाओं को राज्य स्तरीय अवार्ड दिए जाने की घोषणा की है। इन पंचायती राज संस्थाओं का चयन, स्वयं के संसाधनों में वृद्धि, स्वच्छ भारत अभियान में उल्लेखनीय कार्य तथा बाल विवाह की रोकथाम हेतु उठाए गए कदमों पर आधारित होगा। इस सम्बन्ध में जारी की जाने वाली योजना के अन्तर्गत-यह पुरस्कार प्रदेश की 3 ज़िला परिषदों को एवं प्रत्येक संभाग में प्रथम तीन पंचायत समितियों तथा हर ज़िले में प्रथम तीन ग्राम पंचायतों को दिया जायेगा। प्रथम तीन ज़िला परिषदों को दी जाने वाली पुरस्कार राशि क्रमशः-25 लाख रूपये, 15 लाख रूपये, एवं 10 लाख रूपये होगी। इसी प्रकार प्रत्येक संभाग में प्रथम तीन पंचायत समितियों को देय राशि क्रमशः-10 लाख रूपये, 5 लाख रूपये एवं 3 लाख रूपये होगी। हर ज़िले में प्रथम ग्राम पंचायत को 3 लाख रूपये, द्वितीय को 2 लाख रूपये तथा तृतीय को 1 लाख रूपये की राशि देय होगी।
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